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वृषण
वृषण (Testicle या testis) सà¤à¥€ पशà¥à¤“ं तथा मानव में पाया जाने वाला नर जनन गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¤¿ है। जिस पà¥à¤°à¤•ार मादा (नारियों) में डिंबगà¥à¤°à¤‚थि या अणà¥à¤¡à¤¾à¤¶à¤¯ (ovary) होती है, उसी पà¥à¤°à¤•ार नरों में वृषण होता है। वृषण के दो कारà¥à¤¯ हैं- शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£, तथा पà¥à¤‚जन (à¤à¤¨à¥à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨) का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ (मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¨ नामक पà¥à¤‚जन का निरà¥à¤®à¤¾à¤£)।
मानव में दो वृषण होते हैं जो शिशà¥à¤¨ के आधार के दाà¤à¤ à¤à¤µà¤‚ बाà¤à¤ तरफ à¤à¤• दूसरे से सटे हà¥à¤ होते हैं। वृषण के नीचे à¤à¤• थैली होती है जिसे अंडकोष कहा जाता है। इस थैली की तà¥à¤µà¤šà¤¾ ढीली होती है जो गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अधिक बढ़कर लटक जाती है तथा सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सिकà¥à¤¡à¤¼à¤•र छोटी होती है। इसके अनà¥à¤¦à¤° वृषण होते है।
अंडकोश की लंबाई 5 से॰मी॰ और चौड़ाई 2.5 से॰मी॰ होती है। इसमें रकà¥à¤¤ का संचार बहà¥à¤¤ अधिक होता है। दोनों तरफ के वृषण à¤à¤• नलिका के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं जिसको शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤•ा (वास डिफेरेनà¥à¤¸) कहते है। दूसरी तरफ ये अनà¥à¤¯ गà¥à¤°à¤‚थि से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहते हैं जिनको सेमिनाल वेसाईकल कहते है।
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